Skip to main content

Featured

गाड़ी मालिक का नाम जाने

दोस्तों हमेशा की तरह आज भी हम एक प्रोग्रेसिव और प्रैक्टिकल मोबाइल एप्लीकेशन पर चर्चा करेंगे आज की चर्चा का विषय है मोबाइल एप्लीकेशन mPariwahan दोस्तों इस एप्लीकेशन के जरिए आप कि...

DSLR OR PHONE OR CAM CORDER : WHICH SHOULD BE BOUGHT

दोस्तों आज हम इस विषय पर चर्चा करेंगे की मोबाइल डीएसएलआर और कैमकॉर्डर में से फोटोज और वीडियोस के लिए सबसे अच्छा विकल्प कौन सा है।
सर्वप्रथम हमारे जेहन में ख्याल आता है कि आजकल जहां एक और मार्केट में 25 मेगापिक्सल के आसपास के मोबाइल फोन उपलब्ध है तो ऐसी दशा में आखिर क्यों डीएसएलआर खरीदा जाए इस संबंध में हम मोबाइल और डीएसएलआर दोनों के ही गुण एवं दोषों पर चर्चा कर लेते हैं ।
दोस्तों डीएसएलआर में कुछ ऐसी खास विशेषताएं होती है जिन की कमी हम मोबाइल से पूरी नहीं कर पाएंगे
सबसे पहली कमी जो मोबाइल में होना मैं मानता हूं वह यह है कि मोबाइल में हम डीएसएलआर की भांति दूर की फोटो नहीं खींच सकते क्योंकि जूम लेंस केवल डीएसएलआर में ही उपलब्ध होते हैं हालांकि मोबाइल में हम 10x तक जूम कर सकते हैं लेकिन दोस्तों यह ऑप्टिकल जूम नहीं होता बल्कि केवल डिजिटल जो होता है जिसमें जूम करके फोटो खींचने पर फोटो ब्लर हो जाती है और साफ नहीं आती ।
70 300 लेंस क्यों है खास इस समय में आप हमारा वीडियो देख सकते हैं ।
दोस्तों केवल मेगापिक्सल के आधार पर किसी भी कैमरा की क्वालिटी आंकना बिल्कुल वैसे ही है जैसे किसी पुस्तक के अच्छे टाइटल से उस पुस्तक की गुणवत्ता को आंक लेना। डीएसएलआर में कैमरा अधिक बड़े साइज की फोटो कैप्चर करता है जिससे हम उसका प्रिंट आउट और बड़े बैनर भी निकाल सकते हैं जबकि मोबाइल की फोटो केवल छोटी स्क्रीन पर साफ दिखाई देती है । यदि हम उसका पोस्टर निकाले तो ऐसा संभव नहीं हो पाएगा। दूसरा दोस्तों आजकल बड़े साइज के टीवी खरीदने का प्रचलन है ऐसी दशा में यदि हम मोबाइल का फोटो बड़ी स्क्रीन पर देखेंगे तो मैं साफ नहीं दिखाई देगा जबकि डीएसएलआर फोटो का एक एक हिस्सा बड़ी आसानी से साफ दिखाई देगा।
तीसरा डीएसएलआर के माध्यम से हम बहुत ही कम समय में ज्यादा फोटो खींच सकते हैं जबकि मोबाइल इतना हेंडी नहीं होता और उसकी मदद से हम बड़ी तेजी के साथ फोटोस नहीं ले सकते। हालांकि कई बार हमें लगता है कि कैमरा से फोटो लेना ज्यादा आसान रहेगा परंतु सच्चाई यह है कि डीएसएलआर से कम समय में अधिक फोटो ली जा सकती है ।
मित्रों डीएसएलआर अपनी फोटोस में बहुत ही अच्छा ब्लर इफेक्ट देता है जो कि मोबाइल  में संभव नहीं है हालांकि बाजार में अब ऐसे कई फोन उपलब्ध है जो फोटोस में ब्लर देते हैं लेकिन फिर भी उनके क्वालिटी डीएसएलआर देखनी अच्छी नहीं होती । हालांकि एंड्रॉयड पर कुछ ऐसी एप्लीकेशन से उपलब्ध है जिनकी मदद से हम बाद में ब्लर इफेक्ट दे सकते हैं ।
इस सम्बन्ध में मोबाइल एप्लीकेशन से ब्लर कैसे लाएं आप हमारे वीडियो देख सकते हैं ।
दोस्तों अब मैं आपको डीएसएलआर का एक ऐसा गुण बताने जा रहा हूं जो मोबाइल में इस्तेमाल किया ही नहीं जा सकता और वह है शटर स्पीड । हम डीएसएलआर मी शटर स्पीड बहुत ज्यादा करके रनिंग ऑब्जेक्ट की भी फोटो कर सकते हैं जैसे कि हम शटर स्पीड बढ़ा कर बर्ड फोटोग्राफी कर सकते हैं । क्रिकेट मैच में प्लेयर्स की फोटो खींच सकते हैं। यहां मैं यह बताना भी उचित समझूंगा कि बर्ड फोटोग्राफी एवं क्रिकेट या अन्य गेम की फोटोग्राफी में जूम लेंस का भी बहुत महत्व है जैसा कि मैंने आपको पर बताया जब आप बड़े स्टेडियम में मैच देख रहे हो तो ऐसी दशा में आपका मोबाइल बिल्कुल ही अनुपयोगी हो जाता है ऐसी दशा में एक अच्छा डीएसएलआर ही उपयोगी रहेगा ।
Bird photography  के संबंध में हमने भी एक वीडियो तैयार किया था वह भी आप देख सकते हैं ।
यही नहीं शटर स्पीड बहुत कम करके हम हाई एक्सपोजर फोटोस भी कर सकते हैं  ।जिसमें कम लाइट में भी अच्छी फोटोस आ जाती है  । हाई एक्स्पोज़र फोटोज के कुछ अन्य फायदे भी हैं जिसमें हम कुछ आश्चर्यजनक शानदार फोटोस इफेक्ट भी दे सकते हैं । जो कि मोबाइल में संभव नहीं है ।
हाई एक्स्पोज़र के लिए या लोंग एक्स्पोज़र के लिए हमारा वीडियो देखें ।
दोस्तों डीएसएलआर में मोबाइल के मुकाबले बहुत ही बड़ा सेंसर होता है जैसा कि मैंने पहले आपको बताया कि केवल मेगापिक्सल से हमें किसी भी फोटो की क्वालिटी नहीं आनी चाहिए  । डीएसएलआर में अच्छा सेंसर होने की वजह से यह फोकस अच्छा करता है । जिसकी वजह से इसकी क्वालिटी हमेशा ही मोबाइल के मुकाबले बहुत ज्यादा अच्छी होती है तथा फोटो में आपके ऑब्जेक्ट के सभी डीटेल्स आ जाते हैं और इसी वजह से फोटोस में ब्लर भी ज्यादा आता है ।
दोस्तों डीएसएलआर की तरह फोन में भी तीनों ही तरह की सेटिंग्स होती हैं । जिनमें आईएसओ और शटर स्पीड और अप्रेजर है लेकिन इनमें हम फोन में ज्यादा बदलाव नहीं कर सकते जबकि इन तीनों की सेटिंग को हम बड़े अच्छे तरीके से देश डीएसएलआर में बदलाव कर सकते हैं जिससे हमें विभिन्न सिचुएशंस में ज्यादा अच्छे फोटो मिलते हैं ।
लाइट बैलेंस के लिए आप हमारा वीडियो देख सकते हैं 
आईएसओ सेंसटिविटी सेटिंग  के लिए हमारा वीडियो देखें ।
दोस्तों ने डीएसएलआर की सबसे मुख्य विशेषता यह है कि इसमें यह कैमरा रॉ फॉर्मेट में भी फोटो क्लिक कर सकता है यदि हम रा फॉर्मेट में फोटो क्लिक करते हैं तो बाद में इन फोटोस में बड़े ही शानदार आफ्टर इफैक्ट्स दे सकते हैं उदाहरण के तौर पर यदि आपकी फोटो में ब्लैकनेस ज्यादा है और उसमें सभी ऑब्जेक्ट दिखाई नहीं दे रहे और आपने यदि फोटो रॉ फॉर्मेट की है  तो बड़ी ही आसानी से पोस्ट प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर के जरिए उन्हें बदलाव कर सकते हैं ।  पोस्ट प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर मोबाइल लैपटॉप दोनों में उपलब्ध है जिनमें से बहुत से सॉफ्टवेयर्स के बारे में हमने वीडियो भी बनाए है ।अब आप सोच रहे होंगे कि इस तरह से तो मोबाइल फोटो में भी पोस्ट प्रोसेसिंग की जा सकती है । आपका सोचना बिल्कुल सही है लेकिन मोबाइल फोटोज में पोस्ट प्रोसेसिंग इतना अच्छा रिजल्ट नहीं देती जितना अच्छा रिजल्ट डीएसएलआर से रॉ फॉर्मेट वैकेंसी की फोटो देती है ।
फोन का मुख्य उद्देश्य फोन कॉल करना ही है ऐसी दशा में जब हम बार-बार मोबाइल से फोटो करते हैं तो इससे हमारे मोबाइल की बैटरी कम हो जाती है जिससे इमरजेंसी के समय हमारा फोन कॉल के लिए उपलब्ध नहीं रहता यह भी मोबाइल से फोटोग्राफी का एक अवगुण है ।
मित्रों ऐसा नहीं है कि सारी विशेषताएं डीएसएलआर में ही है बहुत सी ऐसी विशेषताएं हैं जो केवल मोबाइल में पाई जाती हैं जैसे कि मोबाइल के मदद से हम बहुत ही अच्छी सेल्फ़ी ले सकते हैं जबकि ऐसा डीएसएलआर से संभव नहीं है यदि हम डीएसएलआर से सेल्फी लेने की कोशिश भी करें तो ऐसी दशा में हमारे डीएसएलआर के महंगे लेंस टूटने का खतरा बना रहता है ।
मोबाइल से फोटो करने का दूसरा लाभ यह है कि मोबाइल से फोटो ऑटोमेटिक गूगल फोटोज पर लोड हो जाती हैं जबकि वर्तमान में ऐसा कोई भी डीएसएलआर कैमरा बाजार में उपलब्ध नहीं है जो  गूगल फोटोज पर फोटो अपलोड करता हो । परंतु ऐसा नहीं है कि डीएसएलआर की फोटोस को हम गूगल फोटोज पर अपलोड नहीं कर सकते ऐसा करना आजकल काफी आसान है क्योंकि बाजार में ऐसे डीएसएलआर उपलब्ध है जिनमें वाईफाई टेक्नोलॉजी है आप वाईफाई की मदद से सभी फोटोस अपने मोबाइल या लैपटॉप में ले लीजिए तथा जिस फोल्डर में यह फोटोस ट्रांसफर होती है उस पूरे फोल्डर को आप ऑटो अपलोड पर सेट करके बड़ी आसानी से फोटोस गूगल फोटोज पर अपलोड कर सकते हैं ।
गूगल फोटोज के क्या लाभ है इसके लिए जी आप हमारा वीडियो देख सकते हैं । और हमारा आलेख भी पढ़ सकते हैं ।
दोस्तों आइए अब हम वीडियोग्राफी की बात करते हैं तो इस संबंध में मैं सबसे पहले कैमकॉर्डर की कुछ ऐसी विशेषताएं बताना चाहूंगा जो वीडियो के मामले में कैमकॉर्डर को मोबाइल और डीएसएलआर की तुलना में बहुत ही अच्छा विकल्प बना देगा । यह मैं बताना चाहूंगा कि बाजार में काफी हैंडीकैम  उपलब्ध है जैसे कि पैनासोनिक  । इस तरह के कैमकॉर्डर बहुत ही handy होते हैं आप उनको बड़ी आसानी से अपने हाथ में कैरी कर सकते हैं । जब आप कैमकॉर्डर से फोटो वीडियोग्राफी करते हैं तो आप बहुत ही जल्दी एक पोजीशन से दूसरी पोजीशन में मूव कर सकते हैं । और कैमकॉर्डर में डीएसएलआर के मुकाबले जूम करना भी आसान रहता है । कैमकॉर्डर की मदद से आप चलती कार में भी बड़ी आसानी से वीडियो कर सकते हैं ।जबकि जब आप डीएसएलआर से वीडियोग्राफी करते हैं तो इसके लिए आपको कैमरा को दोनों हाथों से पकड़ना पड़ता है । इसके अलावा कैमकॉर्डर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका जूम बहुत बड़ा होता है कैमकॉर्डर में 50 x तक जूम उपलब्ध है । यदि आप इतने जूम का डीएसएलआर  की कल्पना करें तो है लाखों लाखों रुपए का पड़ेगा । जबकि एक अच्छा कैमकॉर्डर आपको 15000 तक में मिल जाएगा ।  इस पर आपको 5 से 6 जूम लेंस अलग अलग से कैरी करने पड़ेंगे तथा बार-बार उन्हें कैमरा मे चेंज भी करना पड़ेगा । जबकि ऐसा कोई झंझट कैमकॉर्डर में नहीं होता ।
पैनासोनिक v270 जूम क्वालिटी के लिए हमारा वीडियो देखें ।
दोस्तों यह मैं अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर यह भी बताना चाहूंगा कि कैमकॉर्डर की मदद से आप बहुत अच्छी बर्ड फोटोग्राफी भी कर सकते हैं । बर्ड फोटोग्राफी जब हम डीएसएलआर के मदद से करते हैं तो हमेशा शटर स्पीड ज्यादा रखनी पड़ती है तथा कंटीन्यूअस मोड में एक साथ बहुत सी फोटो करनी पड़ती है । जो कि काफी श्रम साध्य कार्य है । लेकिन आप कैमकॉर्डर से भी बर्ड फोटोग्राफी कर सकते हैं इसके लिए आपको कैमकॉर्डर से केवल एक वीडियो रिकॉर्ड करना है तथा उसके बाद उस वीडियो में से फोटोस बड़ी आसानी से निकाल सकते हैं इन फोटोस की क्वालिटी भी काफी अच्छी होती है ।
लेकिन यहां मैं यह भी बताना चाहूंगा कि भले ही डीएसएलआर का जूम कम होता हूं या इसके लिए ज्यादा लेंस का उपयोग करना पड़ता है ।लेकिन यदि हमारी आर्थिक क्षमता और बजट इतना है कि हम महंगे डीएसएलआर टेली जूम लेंस खरीद सकते हैं तो ऐसी दशा में जो भी ऑब्जेक्ट  जूम लेंस की परिधि में आएगा उनकी फोटोस डीएसएलआर से कैमकॉर्डर की तुलना में बहुत ही ज्यादा शार्प आती है । लेकिन फिर भी मैं यह कहना चाहूंगा कि हम को कैमकॉर्डर बहुत हैंडी होते हैं । इससे आप किसी चलते हैं ऑब्जेक्ट जैसे कि नाव ,कार ,बस इत्यादि में भी बड़ी आसानी से वीडियो कर सकते हैं क्योंकि इसे डीएसएलआर की तुलना में बहुत ही बेहतर बना देता है । उपयुक्त सभी परिस्थितियों में मोबाइल से वीडियो ग्राफी करना इतना आनंददायक और सुविधाजनक नहीं रहेगा ।
पैनासोनिक v270 के वीडियो में से किस तरह से फोटो निकालें इस संबंध में हमारा वीडियो देखें ।
आजकल मोबाइल वीडियो ग्राफी में भी 4K टेक्नोलॉजी आ गई है जो आपको महंगे से महंगे डीएसएलआर में भी नहीं मिलती लेकिन 4K कैमकॉर्डर भी बाजार में उपलब्ध है यह मैं यह बताना चाहूंगा कि भले ही डीएसएलआर में 4K टेक्नोलॉजी ना होती हो फिर भी हम फ्रेम रेट कम ज्यादा करके 4K के समकक्ष वीडियोग्राफी डीएसएलआर से भी कर सकते हैं ।
दोस्तों कैमकॉर्डर की एक विशेषता यह भी है कि आप इसमें कई कई घंटों का वीडियो बना सकते हैं जबकि डीएसएलआर में 10:15 मिनट से अधिक का वीडियो नहीं बनता  । लेकिन यदि आपको उद्देश्य ही 10 या 15 मिनट का वीडियो बना नहीं है तो डीएसएलआर अच्छा विकल्प रहेगा क्योंकि डीएसएलआर भले ही छोटे वीडियोस बनाते हो इसकी क्वालिटी बहुत ही शार्प होती है ।
संक्षेप में मैं यही कहना चाहूंगा कि सेल्फी के लिए मोबाइल फोन बेस्ट है ।
फोटोग्राफी के लिए डीएसएलआर बेस्ट है ।
और वीडियोग्राफी के लिए कैमकॉर्डर ही सबसे बेस्ट ऑप्शन है इसलिए मैं आपको यह दिन भी खरीदने की सलाह देता हूं ।
70 300 लेंस के लिए हमारा वीडियो देखें ।
पैनासोनिक v270 जूम क्वालिटी के लिए हमारा वीडियो देखें ।

Comments

Popular Posts